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उत्तर भारत में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बर्फबारी का असर अब मैदानी इलाकों में भी साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। हरियाणा सहित आसपास के राज्यों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे लोगों को एक बार फिर ठंड का एहसास होने लगा है। खासकर सुबह और शाम के समय ठिठुरन बढ़ गई है, जो पिछले कुछ दिनों से कम हो गई थी।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में यह बदलाव और तेज हो सकता है। 19 मार्च से एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा, जिसके चलते हरियाणा में बारिश और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। 20 मार्च को राज्य के अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश होने का अनुमान है। इसके साथ ही तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
पहाड़ों की बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों पर
हिमालयी क्षेत्रों—जैसे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड—में पिछले कुछ दिनों से लगातार बर्फबारी हो रही है। यह बर्फबारी केवल स्थानीय मौसम को ही प्रभावित नहीं कर रही, बल्कि इसका असर सैकड़ों किलोमीटर दूर मैदानी इलाकों तक पहुंच रहा है।
ठंडी हवाएं पहाड़ों से मैदानी क्षेत्रों की ओर बह रही हैं, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। हरियाणा में भी यही स्थिति देखने को मिल रही है। दिन के समय हल्की गर्मी जरूर महसूस हो रही है, लेकिन सुबह और शाम का मौसम एक बार फिर सर्द हो गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च के महीने में इस तरह का बदलाव असामान्य नहीं है, लेकिन इस बार तापमान में गिरावट अपेक्षाकृत अधिक दर्ज की जा रही है।
19 मार्च से सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ
मौसम विभाग के अनुसार, 19 मार्च से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। पश्चिमी विक्षोभ एक प्रकार का मौसमीय तंत्र होता है, जो भूमध्यसागर क्षेत्र से उठकर भारत के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में पहुंचता है और बारिश, बर्फबारी तथा तेज हवाओं का कारण बनता है।
इस विक्षोभ के प्रभाव से हरियाणा में 19 और 20 मार्च को मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। राज्य के कई जिलों में बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की भी संभावना है, जो किसानों के लिए चिंता का विषय बन सकती है।
20 मार्च को भारी बारिश के आसार
20 मार्च को हरियाणा के अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस दौरान गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है। ऐसे में पेड़ों के गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा भी बना रहेगा।
विशेष रूप से गेहूं, सरसों और अन्य रबी फसलों पर इसका असर पड़ सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए पहले से तैयारी करें।
तापमान में गिरावट से बढ़ी ठिठुरन
मौसम में आए इस बदलाव के कारण हरियाणा के कई शहरों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। औसतन तापमान में करीब 5 डिग्री सेल्सियस तक की कमी देखी गई है।
दिन के समय भले ही हल्की गर्मी महसूस हो रही हो, लेकिन रात और सुबह के समय ठंड ने एक बार फिर लोगों को गर्म कपड़े पहनने पर मजबूर कर दिया है।
अधिकतम तापमान में गिरावट
राज्य के औसत अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। पिछले दिन की तुलना में अधिकतम तापमान में 0.3 डिग्री सेल्सियस की कमी आई है।
हालांकि यह गिरावट बहुत अधिक नहीं है, लेकिन यह संकेत है कि मौसम धीरे-धीरे ठंड की ओर बढ़ रहा है। राज्य के कुछ प्रमुख शहरों का अधिकतम तापमान इस प्रकार दर्ज किया गया:
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नूंह: 32.3°C (सबसे अधिक)
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गुरुग्राम: 32.0°C
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पलवल: 32.2°C
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अंबाला: 29.7°C
इन आंकड़ों से साफ है कि राज्य के दक्षिणी हिस्सों में तापमान अपेक्षाकृत अधिक रहा, जबकि उत्तरी क्षेत्रों में यह कम दर्ज किया गया।
नारनौल में भारी गिरावट
नारनौल में तापमान में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई है। यहां सामान्य से 5.8 डिग्री सेल्सियस कम तापमान रिकॉर्ड किया गया।
यह गिरावट दर्शाती है कि मौसम का प्रभाव सभी क्षेत्रों में समान नहीं है, बल्कि कुछ इलाकों में इसका असर अधिक देखने को मिल रहा है।
न्यूनतम तापमान में भी गिरावट
केवल अधिकतम तापमान ही नहीं, बल्कि न्यूनतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।
राज्य का औसत न्यूनतम तापमान पिछले दिन की तुलना में 1.7 डिग्री सेल्सियस कम हो गया है। यह सामान्य से लगभग 2 डिग्री कम है।
इसका सीधा असर लोगों की दिनचर्या पर पड़ा है, खासकर सुबह जल्दी उठने वालों और देर रात तक बाहर रहने वालों को ठंड का अधिक सामना करना पड़ रहा है।
सिरसा बना सबसे ठंडा स्थान
हरियाणा में सबसे कम न्यूनतम तापमान सिरसा में दर्ज किया गया, जहां तापमान गिरकर 10.3°C पर पहुंच गया।
इसके अलावा हिसार में भी तापमान सामान्य से 4.8 डिग्री कम होकर 11.0°C दर्ज किया गया।
इन आंकड़ों से यह स्पष्ट है कि राज्य के पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों में ठंड का असर अधिक है।
सुबह और रात में बढ़ी ठंड
तापमान में गिरावट के कारण हरियाणा के अधिकांश हिस्सों में सुबह और रात के समय हल्की ठिठुरन महसूस की जा रही है।
लोगों ने एक बार फिर हल्के गर्म कपड़े पहनना शुरू कर दिया है। खासकर बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
पिछले 24 घंटों में नहीं हुई बारिश
हालांकि मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है, लेकिन पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में कहीं भी बारिश दर्ज नहीं की गई है।
यह दर्शाता है कि फिलहाल मौसम शुष्क बना हुआ है, लेकिन आने वाले दिनों में स्थिति बदल सकती है।
किसानों के लिए चेतावनी
मौसम विभाग ने किसानों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। आने वाले दिनों में बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं के कारण फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।
विशेष रूप से गेहूं की फसल इस समय पकने की अवस्था में होती है, ऐसे में बारिश और ओले गिरने से दाने खराब हो सकते हैं।
किसानों को सलाह दी गई है कि वे:
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फसलों को सुरक्षित रखने के उपाय करें
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खेतों में पानी निकासी की व्यवस्था रखें
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मौसम अपडेट पर नजर रखें
स्वास्थ्य पर असर
मौसम में अचानक बदलाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। तापमान में गिरावट और ठंडी हवाओं के कारण सर्दी, खांसी और वायरल संक्रमण के मामले बढ़ सकते हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि इस समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए:
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सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनें
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ठंडी चीजों से परहेज करें
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पर्याप्त पानी पिएं
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इम्यूनिटी बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ लें


