पिछले कुछ दिनों से रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर फैल रही अफवाहों और संभावित किल्लत की खबरों के बीच, पश्चिम चंपारण जिला प्रशासन ने अब पूरी तरह से मोर्चा संभाल लिया है। बेतिया में एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और वितरण में होने वाली अनियमितताओं को रोकने के लिए प्रशासन ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। अपर समाहर्ता-सह-जिला आपूर्ति पदाधिकारी (ADSO) अनिल कुमार सिन्हा ने स्पष्ट कर दिया है कि जिले में ईंधन की कोई कमी नहीं है और जो लोग कृत्रिम अभाव पैदा करने की कोशिश करेंगे, उन पर कानूनी गाज गिरना तय है।
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कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर नकेल
जिला प्रशासन को लगातार यह शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ असामाजिक तत्व और बिचौलिए सिलेंडरों का अवैध भंडारण कर रहे हैं ताकि उन्हें ऊंचे दामों पर बेचा जा सके। इस पर संज्ञान लेते हुए अनिल कुमार सिन्हा ने बताया कि जिले के तीनों अनुमंडलों—बेतिया सदर, बगहा और नरकटियागंज—में विशेष निगरानी दल तैनात किए गए हैं।
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प्रशासन की रणनीति अब केवल जांच तक सीमित नहीं है। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि जहाँ भी स्टॉक रजिस्टर में हेराफेरी या गोदामों में अवैध सिलेंडर पाए जाएं, वहां न केवल लाइसेंस रद्द किया जाए, बल्कि तत्काल प्रभाव से प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर दोषियों को जेल भेजा जाए। इस सख्ती का असर अब धरातल पर दिखने लगा है और बैकलॉग (पेंडिंग बुकिंग) की संख्या में तेजी से गिरावट आ रही है।
आपूर्ति के आंकड़े: पैनिक होने की जरूरत नहीं
उपभोक्ताओं के बीच फैले डर को दूर करने के लिए प्रशासन ने आधिकारिक आंकड़े जारी किए हैं। वर्तमान में जिले की स्थिति कुछ इस प्रकार है:
पर्याप्त स्टॉक: जिले के विभिन्न गैस एजेंसियों के गोदामों में इस समय 28,589 एलपीजी सिलेंडरों का बंपर स्टॉक उपलब्ध है। यह संख्या जिले की दैनिक मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त से भी अधिक है।
रिकॉर्ड डिलीवरी: आपूर्ति तंत्र की सक्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बीते केवल एक दिन के भीतर 10,808 सिलेंडरों की सफल होम डिलीवरी की गई है।
बैकलॉग क्लियरेंस: गैस एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपनी गाड़ियों के फेरे बढ़ाएं ताकि जिन लोगों ने पहले से बुकिंग करा रखी है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सिलेंडर मिल सके।
शिकायत निवारण प्रणाली हुई तेज
प्रशासन अब उपभोक्ताओं की आवाज सुनने के लिए अधिक गंभीर नजर आ रहा है। जिला स्तर पर प्राप्त होने वाली हर छोटी-बड़ी शिकायत को सीधे संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) को भेजा जा रहा है।
आज के आंकड़ों के अनुसार, कुल 21 नई शिकायतें दर्ज की गईं। इन शिकायतों में मुख्य रूप से समय पर डिलीवरी न होना और रसीद से अधिक पैसे मांगे जाने जैसे मामले शामिल थे। ADSO ने बताया कि इन सभी 21 मामलों में त्वरित कार्रवाई के आदेश दे दिए गए हैं और संबंधित एजेंसियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
अपर समाहर्ता की अपील: अफवाहों से बचें
अपर समाहर्ता अनिल कुमार सिन्हा ने बेतिया और आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों से सीधा संवाद करते हुए एक विशेष अपील जारी की है। उन्होंने कहा: “जिले में गैस की कोई किल्लत नहीं है। उपभोक्ता किसी भी तरह के ‘पैनिक मोड’ में न आएं और न ही अफवाहों पर ध्यान दें। पैनिक बुकिंग करने से वितरण व्यवस्था पर अनावश्यक दबाव पड़ता है। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हर घर तक समय पर रसोई गैस पहुँचे।”
सतर्क प्रशासन, सुरक्षित उपभोक्ता
बेतिया प्रशासन की इस मुस्तैदी ने स्पष्ट कर दिया है कि आपदा या संकट के समय आम जनता के हक को मारने वाले बिचौलियों के लिए जिले में कोई जगह नहीं है। पर्याप्त स्टॉक और सुदृढ़ वितरण प्रणाली के साथ, प्रशासन अब घर-घर दस्तक देकर यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि किसी भी रसोई का चूल्हा ईंधन की कमी के कारण ठंडा न पड़े।