बगहा (पश्चिम चंपारण)। जिले के बगहा दो प्रखंड अंतर्गत नौरंगिया दरदरी पंचायत के केराई गांव में मंगलवार को गहरी धार्मिक आस्था और उत्साह के साथ 24 घंटे के अखंड अष्टयाम का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ किया गया। इस आयोजन ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण में रंग दिया, जहां हर ओर श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला।
सुबह से ही गांव में धार्मिक माहौल बना हुआ था। श्रद्धालुओं की भीड़, भजन-कीर्तन की मधुर ध्वनि और जयघोष से पूरा इलाका गूंज उठा। गांव के लोग इस आयोजन को लेकर बेहद उत्साहित नजर आए और बड़ी संख्या में शामिल होकर इसे सफल बनाने में योगदान दिया।
101 कन्याओं ने निकाली भव्य कलश यात्रा
अखंड अष्टयाम की शुरुआत कलश यात्रा से हुई, जिसमें गांव की 101 कन्याओं ने सिर पर कलश धारण कर पूरे गांव का भ्रमण किया। पारंपरिक वेशभूषा में सजी कन्याएं जब एक साथ निकलीं, तो दृश्य अत्यंत मनमोहक हो गया।
कलश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की लंबी कतार देखने को मिली। लोग भक्ति गीत गाते हुए और जयघोष करते हुए यात्रा के साथ आगे बढ़ते रहे। पूरे रास्ते में ग्रामीणों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया और यात्रा को सफल बनाने में सहयोग किया।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुई जल भरने की रस्म
कलश यात्रा यज्ञ स्थल से प्रारंभ होकर गांव के विभिन्न मार्गों से होती हुई त्रिवेणी कैनाल स्थित बेरई गांव के चौक के समीप पहुंची। यहां आचार्य उत्तम उपाध्याय के नेतृत्व में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिपूर्वक जल भरने की रस्म संपन्न कराई गई।
इस दौरान श्रद्धालु मंत्रों की ध्वनि के बीच पूरी श्रद्धा से पूजा में शामिल हुए। जल भरने की प्रक्रिया के बाद कलश यात्रा पुनः यज्ञ स्थल लौटी, जहां विधि-विधान के साथ अखंड अष्टयाम अनुष्ठान का शुभारंभ किया गया।
भक्ति गीतों से गूंजता रहा पूरा गांव
पूरे आयोजन के दौरान भजन-कीर्तन की मधुर ध्वनियां लगातार गूंजती रहीं। कीर्तन मंडलियों द्वारा प्रस्तुत किए गए भक्ति गीतों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
गांव के लोग परिवार सहित इस आयोजन में शामिल हुए और भक्ति में लीन नजर आए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया।
समाजसेवियों और गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति
इस अवसर पर कई समाजसेवी और क्षेत्र के गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे। समाजसेवी विनोद महतो, प्रमोद महतो समेत कई लोगों ने आयोजन में भाग लिया और इसे सफल बनाने में सहयोग दिया।
समाजसेवी शंभू कुमार काजी ने बताया कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और लोगों के बीच आपसी भाईचारे को मजबूत करते हैं।
पांच गांवों की कीर्तन मंडलियों ने बढ़ाया उत्साह
इस आयोजन में आसपास के पांच गांवों की कीर्तन मंडलियां भी भाग ले रही हैं। ये मंडलियां अपने भजन और प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर रही हैं।
हर मंडली अपनी अलग शैली में भक्ति गीत प्रस्तुत कर रही है, जिससे माहौल और भी अधिक आध्यात्मिक हो गया है।
श्रद्धालुओं के लिए भव्य प्रसाद की व्यवस्था
आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं के लिए लगभग पांच हजार लोगों के प्रसाद की व्यवस्था की गई है।
ग्रामीणों ने मिलकर इस व्यवस्था को संभाला और यह सुनिश्चित किया कि हर श्रद्धालु को प्रसाद प्राप्त हो। यह सामूहिक प्रयास गांव की एकजुटता और सहयोग की भावना को दर्शाता है।
ग्रामीणों के सहयोग से सफल हुआ आयोजन
इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में स्थानीय ग्रामीणों का विशेष योगदान रहा।
गांव के लोगों ने मिलकर आयोजन की हर व्यवस्था को संभाला—चाहे वह सजावट हो, व्यवस्था हो या श्रद्धालुओं की सेवा। इसी सामूहिक प्रयास के कारण कार्यक्रम भव्य और सफल बन सका।
सामाजिक एकता का संदेश देता है आयोजन
ऐसे धार्मिक आयोजन केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं होते, बल्कि यह समाज में एकता, सहयोग और भाईचारे का संदेश भी देते हैं।
गांव के लोग एक साथ मिलकर आयोजन करते हैं, जिससे आपसी संबंध मजबूत होते हैं और समाज में सकारात्मक माहौल बनता है।
बगहा के केराई गांव में आयोजित यह अखंड अष्टयाम न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह सामाजिक एकता और सामूहिक सहयोग का भी उदाहरण है।
कलश यात्रा से लेकर भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण तक, हर पहलू में लोगों की भागीदारी और उत्साह देखने लायक रहा।
इस तरह के आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और लोगों को एकजुट करने का काम करते हैं।