⚡️बिजली बकाएदारों के लिए ‘महा-संजीवनी’: योगी सरकार की ऐतिहासिक OTS योजना, 100% ब्याज माफ़ और मूलधन में 25% की छूट!
उत्तर प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए आज का दिन एक अभूतपूर्व राहत लेकर आया है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने बकाए बिजली बिलों के बोझ तले दबे गरीब और छोटे उपभोक्ताओं के लिए अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक ‘एकमुश्त समाधान योजना’ (One Time Settlement – OTS) लागू कर दी है। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें न केवल बकाए पर लगे पूरे 100% ब्याज (सरचार्ज) को माफ़ किया जा रहा है, बल्कि पहली बार बकाया मूलधन (Principal Amount) में भी 25% तक की सीधी छूट दी जा रही है।
आज, 1 दिसंबर से लागू हुई यह योजना उन 54 लाख से अधिक उपभोक्ताओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जिन्होंने कनेक्शन लेने के बाद से एक बार भी बिल जमा नहीं किया है, और उन 91 लाख से अधिक उपभोक्ताओं के लिए भी, जो लंबे समय से बिल जमा नहीं कर पाए हैं।
🔥 क्यों है यह योजना ‘ऐतिहासिक’ और अभूतपूर्व?
बिजली बिलों पर ब्याज या सरचार्ज माफ़ करने की योजनाएँ पहले भी आती रही हैं, लेकिन इस बार योगी सरकार ने एक कदम आगे बढ़ते हुए उपभोक्ताओं को ‘डबल-बोनस’ दिया है।
1. 100% ब्याज (सरचार्ज) माफी
योजना के तहत, बकाए की तारीख तक का पूरा विलंबित भुगतान अधिभार (Delayed Payment Surcharge) यानी 100% ब्याज पूरी तरह से माफ़ कर दिया जाएगा। इससे उपभोक्ताओं के बिलों का एक बड़ा हिस्सा तुरंत कम हो जाएगा।
2. मूलधन में 25% तक की सीधी छूट
यह योजना का सबसे क्रांतिकारी पहलू है। ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा के अनुसार, यह पहली बार है जब बकाया बिजली बिल के मूलधन (वास्तविक खपत की राशि) में भी छूट दी जा रही है। पहले चरण में पंजीकरण और भुगतान करने पर उपभोक्ताओं को 25% तक की सीधी छूट मिलेगी।
3. बिजली चोरी और कानूनी मामलों में राहत
इस योजना में बिजली चोरी के मामलों में फंसे उपभोक्ताओं को भी राहत देने का प्रावधान है। यदि कोई उपभोक्ता इस योजना का लाभ लेता है, तो उसे कानूनी मुकदमों से भी छुटकारा मिल सकता है, जिससे वे सम्मान के साथ बिजली विभाग के नियमित ग्राहक बन सकते हैं।
🗓️ तीन चरणों में मिलेगी अलग-अलग छूट: ‘पहले आओ, अधिक लाभ पाओ’
यह योजना तीन चरणों में लागू की जाएगी और प्रत्येक चरण की अवधि लगभग एक महीने की होगी। पावर कॉरपोरेशन अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने साफ कर दिया है कि उपभोक्ता जितनी जल्दी पंजीकरण कराकर भुगतान करेंगे, उन्हें उतना ही अधिक लाभ मिलेगा।
| चरण | अवधि (लगभग) | मूलधन पर छूट | ब्याज (सरचार्ज) पर छूट |
| प्रथम चरण | 1 दिसंबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक | 25% | 100% |
| द्वितीय चरण | 1 जनवरी 2026 से 31 जनवरी 2026 तक | 20% | 100% |
| तृतीय चरण | 1 फरवरी 2026 से 28 फरवरी 2026 तक | 15% | 100% |
📝 कौन हैं पात्र और कैसे उठाएं लाभ?
यह योजना मुख्य रूप से छोटे घरेलू और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए लाई गई है:
पात्र उपभोक्ता:
घरेलू उपभोक्ता (LMV-1): 2 किलोवॉट तक के कनेक्शन वाले उपभोक्ता।
वाणिज्यिक उपभोक्ता (LMV-2): 1 किलोवॉट तक के कनेक्शन वाले छोटे दुकानदार या व्यापारी।
लाभ लेने का तरीका:
पंजीकरण (Registration): योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को सबसे पहले पावर कॉरपोरेशन की आधिकारिक वेबसाइट uppcl.org पर जाकर या विभागीय कार्यालय में जाकर पंजीकरण करवाना होगा।
पंजीकरण शुल्क: पंजीकरण के समय उपभोक्ता को ₹2,000 की न्यूनतम राशि जमा करनी होगी। यह राशि बाद में उनके समायोजित बिल में शामिल कर ली जाएगी।
भुगतान विकल्प: उपभोक्ता अपनी सुविधा के अनुसार शेष बकाया राशि का भुगतान एकमुश्त (Lump-sum) कर सकते हैं, या फिर आसान किस्तों (Installments) में कर सकते हैं।
💰 किस्तों में भी भुगतान की सुविधा: मध्यम वर्ग के लिए बड़ी राहत
यह योजना उन मध्यम और निम्न आय वर्ग के उपभोक्ताओं को विशेष राहत देती है, जो एकमुश्त इतनी बड़ी राशि जमा नहीं कर सकते। योजना के तहत:
उपभोक्ता एकमुश्त भुगतान के अलावा, ₹500 या ₹750 रुपये की मासिक किस्तों में भी बकाया राशि जमा करने का विकल्प चुन सकते हैं।
किस्तों में भुगतान करने वालों के लिए यह सुनिश्चित करना होगा कि वे अपनी वर्तमान बिलिंग और किस्तों को समय पर जमा करते रहें।
🎯 पावर कॉरपोरेशन की ‘मिशन मोड’ तैयारी
योजना को सफल बनाने के लिए पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने सभी अभियंताओं और कर्मचारियों को ‘मिशन मोड’ में काम करने के निर्देश दिए हैं।
व्यक्तिगत संपर्क: अधिकारियों को आदेश दिया गया है कि वे सिर्फ फोन ही नहीं, बल्कि व्यक्तिगत तौर पर बकाएदारों से संपर्क करें और उन्हें योजना में शामिल होने के लिए प्रेरित करें।
मुनादी और प्रचार: योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए पम्फलेट बांटने, मुनादी करवाने और नोटिस देने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेष कैंप: डॉ. गोयल ने विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने को कहा है, जहाँ बकाएदारों की संख्या अधिक है। ऐसे ‘हॉटस्पॉट’ गांवों और क्षेत्रों में जरूरत के मुताबिक विशेष कैंप लगाए जाएंगे।
एजेंसी सहयोग: वसूली और जागरूकता बढ़ाने के लिए फिनटेक (FinTech) जैसी एजेंसियों की मदद लेने के भी निर्देश दिए गए हैं।

